नई दिल्ली। भारत की राजधानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर है। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष नेता वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय संकटों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात सबसे अहम
इस सम्मेलन की सबसे चर्चित संभावित मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होगी। शी जिनपिंग 12 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे। यह करीब सात वर्षों बाद उनका भारत दौरा है। दोनों नेताओं के बीच संभावित द्विपक्षीय बैठक को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की संभावना है। गलवान घाटी की 2020 की झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया था। ऐसे में मोदी-शी वार्ता को लेकर विशेष 관심 बना हुआ है।
पुतिन से भी होगी अहम बातचीत
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी BRICS Summit में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय परिस्थितियों जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रह सकते हैं। दोनों नेताओं ने हाल ही में SCO Summit के दौरान भी भारत-रूस संबंधों और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की थी।
पश्चिम एशिया संकट भी रहेगा केंद्र में
BRICS सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई है। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मतभेदों के कारण BRICS देशों के लिए पश्चिम एशिया संकट पर साझा रुख बनाना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से वैश्विक तेल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
ऊर्जा, व्यापार और तकनीक पर भी चर्चा
शिखर सम्मेलन के एजेंडे में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं। सम्मेलन के अंत में नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी किए जाने की उम्मीद है।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
BRICS Summit को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कड़ी कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। शी जिनपिंग और पुतिन के लिए अलग-अलग होटलों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है और उनके काफिले के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
BRICS Summit 2026 भारत के लिए वैश्विक कूटनीति में अपनी भूमिका मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। वहीं मोदी-शी जिनपिंग और मोदी-पुतिन की संभावित मुलाकातों से सम्मेलन का कूटनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

